Saturday, March 22, 2025

ek sadhu ne piyas bujhayi

दोस्तों यह कहानी है एक साधु और एक कवार लड़की की यह एक खौफनाक जंगल की दास्तान है जहां एक बढ़ा साधु अपनी झोंपड़ी में रहता था इस कहानी की असल शुरुआत तब हुई जब एक रात शदीद तूफानी बारिश हो रही थी हर तरफ घूप अंधेरा छाया हुआ था आसमान से बिजली जोर-जोर से कड़क रही थी और जंगल में खौफनाक सुनाता था साधु अपनी झुपड़ी में बैठा था दरवाजा मजबूती से बंद कर रखा था ताकि बारिश और तूफान की शिद्दत से बच सके अचानक उसकी झोपड़ी के दरवाजे पर दस्तक हुई साधु हैरान हो गया कि इतनी रात को कौन आ सकता है इस जंगल में उसने हिम्मत करके दरवाजा खोला तो देखा कि एक हसीन और नौजवान कंवारी लड़की बाहर खड़ी है उसके कपड़े बारिश में मुकम्मल भग चुके थे और उसके जिस्म की हर तराश वाजे हो रही थी जवानी उरूज पर थी साधु ने रानी से पूछा य लड़की तुम कौन हो और इस खौफनाक जंगल में इतनी रात गए और ऐसी शदीद बारिश में यहां क्या कर रही हो वह लड़की खौफ जदा लहजे में बोली बाबा जी मैं इस जंगल के साथ वाले गांव में रहती हूं मैं बहुत डर चुकी हूं फिर वह कपक पाते लहजे में कहने लगी मेरे पीछे कुछ लोग पड़े हैं वह मुझे मारना चाहते हैं बराह कर्म मुझे बचा लीजिए साधु ने लड़की को फौरन अंदर बिठाया और तसल्ली दी फिर बढ़े बाबा ने इस कुवारी लड़की से इसकी पूरी कहानी पूछी लड़की ने कांपते हुए जवाब दिया मैं गांव के राजा की बैठी हूं मां-बाप इस दुनिया से जा चुके हैं जब से मेरे मां-बाप इस दुनिया से गए हैं तब से यह लोग मेरी खूबसूरती पर मरते हैं यह लोग मुझे पकड़कर मेरी इज्जत लूटना चाहते हैं मेरे जिस्म को नापाक करना चाहते हैं मैं अपनी इज्जत बचाकर आपके पास भाग आई हूं बूढ़ा साधु लड़की की बातें बड़े गौर से सुन रहा था वो सोच ने लगा यह लड़की कोई और राज भी छुपा रही है इसके आने के पीछे कोई और मकसद तो नहीं है साधु और वह कबरी लड़की झोपड़ी के अंदर बैठे थे एक कोने में दिया जल रहा था जिसकी मधम सी रोशनी थी बाहर तेज बारिश और तूफान था हर तरफ अंधेरा ही अंधेरा था बूढ़ा साधु सालों से तन्हा रह रहा था मगर आज उसकी झुपड़ी में इंतेहा की हसीनो जमील लड़की मौजूद थी वह साधु लड़की के भीगे हुए लिबास को देखता है और दिल ही दिल में खुश होने लगता है मगर साथ ही खुद को रोकने की भी कोशिश कर रहा था कि कहीं किसी मुसीबत में ना फंस जाए यह सब खयालात उसके जहन में चल रहे थे कि अचानक व कुवारी लड़की बोली ए बाबा मैं बहुत खौफ जदा हूं क्या आज की रात आप मुझे अपनी झुपड़ी में पुनाह देंगे बूढ़ा साधु जो पहले ही यही चाहता था फौरन खुश होकर कहता है हां बिल्कुल आज की रात तुम मेरी झोपड़ी में ठहर सकते हो रात बहुत अंधेरी थी तूफानी बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही थी लड़की चटाई पर लेटकर सोने की कोशिश करने लगी मगर साधु को नींद नहीं आ रही थी इसका दिल बेचैन था इसके अंदर अजीब सी हलचल मच रही थी सालों से सवे हुए खयालात जाग उठे थे प्यार की दुनिया नजर आ रही थी जवानी जोश मार रही थी वह दिल में सोच रहा था यह रात कैसे गुजरेगी मैं क्या करूंगा साधु खुद को संभालने की कोशिश करता है आंखें बंद करके सोने की कोशिश करता है मगर उसे कहां नींद आनी थी यह सब कुछ देखकर उसका दिल मजीद बेकरार हो गया साधु का दिल जोर-जोर से धड़कने लगा क्योंकि उसके जज्बात जाग चुके थे अचानक किसी के रोने की आवाज आई साधु चौक गया और जल्दी से उस लड़की के पास गया उसने देखा कि वह लड़की रो रही थी साधु ने पूछा ए लड़की क्या हुआ तुम क्यों रो रही हो लड़की ने डरते हुए जवाब दिया मेरे साथ कुछ ऐसा हुआ है जो मैं किसी को नहीं बता सकती यह सुनकर साधु हैरान रह गया और बोला ऐसी क्या बात है जो तुम मुझसे नहीं कह सकती आखिर कौन सा राज छिपा रही हो तुम वह लड़की कांपते हुए बोली मैं कोई अच्छी लड़की नहीं हूं मैं एक बुरी लड़की हूं मैं अच्छे काम नहीं करती मैं बहुत प्यासी हूं फिर उसने एक ऐसी बात कही कि साधु का खून ही खुश हो गया वो साधु की तरफ देखकर बोली मैं कोई आम लड़की नहीं हूं मैं एक भटकी हुई आत्मा हूं यह सुनते ही साधु के जिस्म में कपकपी तारी हो गई उसके पैरों तले जमीन निकल गई वह डर के मारे घबरा कर बोला अगर तुम एक रूह हो तो मैं यह कैसे यकीन से मान लूं इसका मतलब क्या है लड़की ने आह भरी और अपनी कहानी सुनाने लगी यह बहुत पहले की बात है मैं एक रानी थी मगर एक शख्स मुझसे शादी करना चाहता था जिसे मैं पसंद नहीं करती थी लेकिन उसने मुझे हासिल करने के लिए काला जादू किया मैं उसके जाल में पहस गई और उसने जबरदस्ती मुझसे शादी कर ली मगर मैंने उसे अपनी इज्जत पामा नहीं करने दी मैंने उसे शादी की पहली रात अपने करीब नहीं आने दिया इस पर वह गुस्से में आ गया और मुझे मारने लगा जब वह मुझे कत्ल कर रहा था तो उसने कहा था कि मेरी रूह तब तक आजाद नहीं होगी जब तक में किसी नेक और अच्छे इंसान या साधु के साथ हम बिस्तर ना हो जाऊं यह सुन सुते ही साधु कांपने लगा वोह लड़की उसका हाथ थाम कर बोली मैं झूठ नहीं बोल रही अगर तुम आज रात मेरे साथ ना समय तो मैं हमेशा के लिए इस जंगल में भटकती रहूंगी और मेरी आत्मा कभी सुकून नहीं आएगा साधु का दिल जोर जोर से धड़कने लगा लड़की अपने नर्म हाथों से उसके जिस्म को छो रही थी मगर वह परेशानी में था इतने में बाहर से किसी की भयानक आवाज आई साधु फौरा उठा और झुपड़ी के बाहर आया उसने दरख्त पर एक एक साय को बैठे देखा साधु उसे देखकर हैरान रह गया साधु ने पूछा कौन हो तुम वोह साया आहिस्ता आहिस्ता उसकी तरफ बढ़ने लगा साधु ने पलटकर झोपड़ी के अंदर देखा मगर वह लड़की खामोशी से खड़ी थी उसने कोई जवाब नहीं दिया साया उसके करीब आया और गर्ज दार आवाज में बोला मैं वही हूं जिसने तुम्हारे पास इस लड़की को भेजा है यह वही साया था जिसने काला जादू करके इस लड़की को कैद कर रखा था व साया जोर से हंसने लगा और बोला साधु तुम मेरे जाल में फेंस चुके हो अब तुम भटक चुके हो साधु ने कहा तुम्हारा काला जादू मुझ पर असर नहीं करेगा तुमने क्या सोचा था कि मैं एक हसेन लड़की को देखकर भटक जाऊंगा हरगिज नहीं यह सुनते ही लड़की ने अपनी नजरें झोका ली जैसे कि वह भी शर्मिंदा हो रही हो वह साया जोर से चीखा और बोला तुम्हारे अंदर भी तो इंसानों वाले जज्बात होंगे तुम मेरे जाल से बच नहीं सकते साधु ने आंखें बंद की अल्लाह का नाम लिया और फिर आंखें खोलकर बोला ए शैतान मैं तुम्हारे फरेब में कभी नहीं आ सकता लड़की की आंखों में आंसू आ गए वह भी सोचने लगी मैं यह क्या कर रही थी क्या साधु इस साय को शकस दे पाएगा क्या वह लड़की अपनी कैद से आजाद हो सकेगी या फिर यह काला जादू सब पर भारी पड़ेगा साधु ने अपनी आंखें बंद कर ले और सोचने लगा आखिर में इस मुश्किल से कैसे बच सकता हूं ऐसा क्या करूं फिर साधु ने आंखें खोली और उस लड़की से कहा तुम अपने अंदर झांक गौर करो कि तुम क्या करने वाली थी मैंने एक अरसे से किसी बुरे काम की तरफ नजर नहीं उठाई फिर तुम क्यों मेरी मेहनत बर्बाद करना चाहती हो थी अपने आप को संभालो और सोचो कि तुम क्या कर रही थी यह सुनकर वह साया जोर से हंसा और बोला साधु अब बहुत देर हो चुकी है लड़की ने साधु की तरफ देखा और आहिस्ता से कहा मुझे कुछ नहीं मालूम कि सही क्या है और गलत किया मैं सिर्फ इतना जानती हूं कि मेरी रूह को सुकून मिलना चाहिए और आजाद हो सकूं किसी भी तरह साधु ने नरमी से कहा तुम्हें अपनी रूह के लिए नहीं बल्कि खुद के लिए जीना होगा यह जंग तुम्हें खुद लड़नी होगी साधु की बात सुनकर वह लड़की चौक गई उसने गहरी सांस ली और कहा तुम बिल्कुल सही कह रहे हो यह जंग सिर्फ मेरी है और मैं खुद लडूंगी फिर उसने अपनी आंखें बंद कर ली और सुकून महसूस करने की कोशिश की उसी लम्हे साया धाड़ हुए बोला क्या तुम मुझे शकत देने के लिए तैयार हो लड़की ने मजबूत लहजे में कहा हां मैं तुमसे लड़ने के लिए तैयार हूं तुम भी तैयार हो जाओ फिर उसने आहिस्ता आहिस्ता अपना हाथ उठाया और उस साय को पकड़ने की कोशिश की जैसे ही उसने साय को छुआ तेज हवा चलने लगी और साया हवा में उड़ने लगा वह साया खुद को बचाने के लिए तड़पने लगा मगर अब उसका बचना नामुमकिन था लड़की ने हिम्मत से उस साय को नेस्तनाबूद कर दिया जब सब कुछ खत्म गया तो उसने आहिस्ता से अपनी आंखें खोली और अपने सामने साधु को पाया उसकी आंखों में शर्मिंदगी थी और उसे एहसास हो गया था कि मैं अच्छा नहीं कर रही थी वह साधु के कदमों में गिर पड़ी और बोली मुझसे बहुत बड़ी गलती होने वाली थी मगर आपने मुझे बचा लिया मैं दिल से आपकी शुक्र गुजार हूं साधु मुस्कुराया और बोला कोई बात नहीं अब तुम यहां से जा सकती हो लड़की ने सिर झुकाया आंखों में आंसू लिए और खामोशी से उस जंगल से निकल गई हमेशा के लिए उसकी रूह आजाद हो गई थी

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